
शुक्रवार को जिस शेरू के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, वह पहले भी विवादों में रहा है। 2023 में उस पर गांव के कोटवार के साथ मारपीट और उसके मुंह पर पेशाब करने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। इस मामले में उसे जेल भी जाना पड़ा था। प्रशासनिक रिकॉर्ड के मुताबिक, शेरू मीना पर अब तक 12 से अधिक एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।
प्रशासन ने शुक्रवार से दोबारा बुलडोजर कार्रवाई शुरू करने का दावा किया था, लेकिन पूरे दिनकहीं भी तोड़फोड़ नहीं हुई। इसके पीछे जरूरी बैठकों का हवाला दिया गया। अब प्रशासन का कहना है कि नए सिरे से कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई की जाएगी।
इधर, जांच में सामने आया है कि कोलार, गोविंदपुरा, एमपी नगर और बैरागढ़ क्षेत्रों में अब भी कृषि भूमि पर धड़ल्ले से प्लॉटिंग हो रही है। इन इलाकों में खेतों की जमीन पर काटी जा रही अवैध कॉलोनियों के प्लॉट टीएंडसीपी स्वीकृत कॉलोनियों के बराबर दामों पर बेचे जा रहे हैं। चूंकि ये इलाके नगरीय क्षेत्र में आते हैं, इसलिए यहां एफआईआर निगम को करना है।
केवल हुजूर और बैरसिया में एक्शन... लेकिन गोविंदपुरा, एमपी नगर और बैरागढ़ क्षेत्र के एसडीएम कार्रवाई को लेकर गंभीर नहीं
सभी इलाकों में अवैध कॉलोनियों की भरमार, लेकिन कार्रवाई नहीं फिलहाल हुजूर और बैरसिया तहसील में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई तेज है, लेकिन कोलार, गोविंदपुरा, एमपी नगर और बैरागढ़ सर्किल के एसडीएम अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करने के मामले में गंभीर नजर नहीं आ रहे। जबकि, कलेक्टर इस मुद्दे पर पहले ही नाराजगी जता चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अफसर अब किस आदेश का इंतजार कर रहे हैं।