- व्यापारी संघ बोला, किसी राजनेता के स्वार्थ के लिए 1 इंच जमीन भी खुर्दबुर्द नहीं होने देंगे
दिग्गज रिपोर्टर। ग्वालियर
ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण 26 सितंबर को हुई वर्चुअल बैठक को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया है। व्यापारी संघ ने मेला प्राधिकरण द्वारा बैठक के लिए तैयार किए गए एजेंडे को आधार बनाते हुए तीखे आरोप लगाए हैं। एजेंडे में ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह द्वारा मेला प्राधिकरण की 25 एकड़ जमीन आवंटित करने का भी जिक्र है। इसी को लेकर श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ ने विरोध का खुला विगुल बजा दिया है। जिसमें प्राधिकरण पर मेले की जमीन को खुर्दबुर्द करने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि किसी भी राजनेता की स्वार्थ पुर्ति के लिए मेले की 25 एकड़ तो क्या, एक इंच जमीन भी खुर्दबुर्द नहीं होने देंगे।
मेला व्यापारी संघ ने मेला प्राधिकरण की वर्चुअल बैठक के अगले दिन 27 सितम्बर को आधिकारिक प्रेस नोट जारी किया। जिसमें पदाधिकारियों की ओर से संयुक्त रूप से लिखा है कि....
प्राधिकरण की बैठक में मेला व्यापारियों के हितों एवं समस्याओं को अनदेखा करते हुए दूरगामी प्रभावों वाले जिन तमाम बिंदुओं पर जिस तरह सहमति बनाकर प्रस्ताव पारित कर दिए गए, उससे मेला व्यापारी सख्त नाराज हैं। मेला व्यापारी संघ ने अपने तेवर तीखे करते हुए कहा है कि व्यापारियों का पक्ष और व्यावहारिक समस्याओं को जाने बिना मेला के भविष्य की दिशा और दशा निर्धारित करने का मेला प्राधिकरण को कतई अधिकार नहीं है। व्यापारियों की समस्याओं पर विचार किए बिना आयोजित इस वर्चुअल बैठक का कोई महत्व अथवा वैधानिकता नहीं है।
श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र भदकारिया, सचिव महेश मुदगल, संयोजक उमेश उप्पल, संयुक्त अध्यक्ष एवं प्रवक्ता अनिल पुनियानी, सह संयुक्त अध्यक्ष जगदीश उपाध्याय, कार्यकारी अध्यक्ष अनुज गुर्जर हरिकांत समाधिया ने मेला में दुकान आवंटन की प्रक्रिया में पेनकार्ड को अनिवार्य किए जाने पर सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि जब भारत सरकार ने आधार कार्ड को सबसे महत्वपूर्ण नागरिक पहचान पत्र के रूप में स्वीकार किया है तो मेला व्यापारियों पर पेन कार्ड क्यों थोपा जा रहा है। सच्चाई यह है कि ग्वालियर मेला में दुकानें लगाने वाले कई छोटे मझौले व्यापारी इतनी सीमित आमदनी और रोज कुआं खोदकर पानी पीने वालों में से हैं, जो न तो वे बैंक में बड़ा लेनदेन करते हैं और न उन्हें कभी पेनकार्ड बनवाने की जरूरत पड़ी। ऐसे मेला व्यापारी दुकान लेने की कथित ऑनलाईन प्रक्रिया के लिए पेनकार्ड कहां से लाएंगे। इसलिए दुकान आवंटन में आधार कार्ड को ही मान्य किया जाए। मेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने मांग की कि दुकान आवंटन की प्रक्रिया में ऑनलाइन के साथ ऑफलाईन प्रक्रिया भी खुली रखी जाए ताकि नई तकनीक से अनभिज्ञ दुकानदार आसानी से फॉर्म भरकर दुकान के पंजीयन करा सकें। यदि मेला प्राधिकरण को ऑनलाइन से इतना ही लगाव है तो वह ऑफलाईन मिले सभी फॉर्मों को अपनी टीम के जरिए कंप्यूटर पोर्टल पर ऑनलाइन फीड करा सकता है। उन्होंने मांग की कि मेला प्राधिकरण अपना वादा निभाते हुए पुराने दुकानदारों की दुकानों का तत्काल रिजर्वेशन करे।
मेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने साफ आरोप लगाया कि आनन फानन में बुलाई गई मेला प्राधिकरण बोर्ड की यह वर्चुअल बैठक दिखावे के तौर पर तो ऑनलाइन दुकान आवंटन का प्रोसेस तय करने बुलाई गई थी लेकिन इस बैठक का एकमात्र छिपा हुआ एजेंडा मेला की 25 एकड़ कीमती जमीन को खुर्दबुर्द करना था। बैठक के एजेंडा के बिंदु क्रमांक 15 से यह जाहिर भी होता है। एजेंडा में भले ही मेला की 25 एकड़ बहुमूल्य भूमि के आवंटन के विषय को आखिरी बिंदु के तौर पर शामिल किया गया लेकिन बैठक का साजिशन प्राथमिक उद्देश्य यही था। मेला व्यापारी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भारत मंडपम या किसी कारोबारी घराने, उद्योगपति के हितों को साधने अथवा किसी राजनेता के स्वार्थ की पूर्ति के लिए किसी भी स्थिति में महान सिंधिया शासकों द्वारा संस्थापित और सवासौ साल की अतुलनीय विरासत रखने वाले ऐतिहासिक ग्वालियर व्यापार मेला की 25 एकड़ तो क्या, एक इंच तक जमीन को खुर्दबुर्द नहीं होने दिया जाएगा।
यदि ऑनलाइन का एजेंडा पारित हुआ है तो पारित प्रस्ताव की कॉपी व्यापारियों को बताएं :
मेला व्यापारी संघ ने यह भी दावा किया कि मेला प्राधिकरण बोर्ड की कल की बैठक में दुकानों के ऑनलाइन आवंटन संबंधी एजेंडा विधिसम्मत ढंग से पारित ही नहीं हुआ है। यदि वाकई में पारित हुआ है तो मेला प्राधिकरण बोर्ड पारित एजेंडा की कॉपी प्रस्तुत करे। मेला व्यापारी संघ ने कहा कि इन्हीं सब व्यावहारिक समस्याओं के निदान एवं मेला व्यापारियों को स्थायी राहत प्रदान करने के लिए यह आवश्यक है कि श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण बोर्ड का अविलंब गठन किया जाए। यह वक्तव्य जारी करने वालों में सुरेश हिरयानी, मुकेश अग्रवाल, अनिल शर्मा, संजू तोमर, पप्पू शिवहरे, श्याम गुप्ता, रिजवान, सरस्वती शिवहरे आदि प्रमुख हैं।
व्यापारियों आवाज बुलंद किए जाने पर मुझे व्यक्तिगत रूप से उत्पीड़ित किया जा सकता है: भदकारिया
श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र भदकारिया ने मेला सचिव एसके त्रिपाठी की कार्यशैली और कथनी करनी में एकरूपता न होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मेला सचिव ने पहले यह पक्का भरोसा दिया था कि पिछले साल के किराए को इस वर्ष की मेला दुकानों के किराए में समायोजित किया जाएगा लेकिन अब वे अपनी ही बात से मुकर गए हैं। उन्हें वादा याद दिलाने पर जवाब भी संतोषप्रद नहीं रहता है। मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया ने आशंका जताई कि लगातार व्यापारी हितों की बात को पुरजोर और निर्भीक ढंग से उठाने का खामियाजा उन्हें शारीरिक, मानसिक क्षति और कारोबारी हितों को नुकसान के रूप में उठाना पड़ सकता है। यह राज्य शासन, प्रशासन और मेला प्राधिकरण के कर्ताधर्ताओं को सुनिश्चित करना है कि मेला व्यापारियों के हक की आवाज को बुलंद करने का खामियाजा उन्हें कहीं व्यक्तिगत उत्पीड़न के रूप में न भुगतना पड़े।